संबंधो की प्राचीरता

शायद यह मेरा सौभाग्य ही हैं कि मुझे स्मृति दी का अपार स्नेह मिला । हाँ , एक बात और यह भी  हो सकता है कि मै जबरन उनके ऊपर यह संबंध थोप रहा हूं । लेकिन संभवतः ऐसा नहीं होना चाहिए । क्योंकि मुझे पूरा विश्वास है । मै यह भी जानता हूं कि मै शायद उनकी कृपा के लायक भी नहीं हूं  । मेरा भरसक प्रयास था कि मेरे कारण किसी को किसी भी  प्रकार कि दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए । लेकिन मुझे जरूरी यह लगा कि मुझे  उनकी नेतृत्व की आवश्यकता है ।

Published by Abhijit Pathak

I am Abhijit Pathak, My hometown is Azamgarh(U.P.). In 2010 ,I join a N.G.O (ASTITVA).

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