कलाम राष्ट्रपति बनने का सफर

देशवासियों के साथ गहरा ताल्लुक़ रखने वाले कलाम एक राष्ट्रहितैषी , कर्मठी और परामर्शी व्यक्तित्व के धनी कहे जा सकते हैं । देश के 11वें राष्ट्रपति , भारतरत्न तथा मिसाइलमैन के नाम से मशहूर अब्दुल कलाम अपने सात भाई बहनों में सबसे छोटे थे । इनके माता – पिता ने क्या कभी सोचा होगा कि रामेश्वर के एक छोटे कस्बे का लड़का , भारत को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को अपनी प्रतिभा से चौंका देगा । उसकी सोच पूरी दुनिया को भारत के बारे में सोचने पर मजबूर कर देगी ।

गरीब परिवार से ताल्लुक़ रखने वाला कलाम बेहद कम उम्र में कमाना भी  शुरु कर दिया  , काम था अखबार बेचना । इनकी प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम के प्राथमिक स्कूल में हुई । स्कूलिंग पूरी होने के बाद इन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से 1954 में फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया ।
DRDO में एन्ट्री उसके बाद ISRO में उनकी कडी मेहनत यह साबित कर देती हैं कि कलाम ऐसे देशभक्त थे जो राष्ट्र हित में 18 घंटे लैब में बिताते । अब उनका सफर शुरू होता हैं एक सांइन्टिस्ट से देश के प्रथम नागरिक बनने तक का । कलाम का व्यवहारवाद और सफल छवि कभी भी  किसी रुकावट का मुँह देखने को मजबूर नहीं हुई । यही कारण था कि 2002 के राष्ट्रपति के अप्रत्यक्ष चुनाव में कलाम सफल हुए ।

Published by Abhijit Pathak

I am Abhijit Pathak, My hometown is Azamgarh(U.P.). In 2010 ,I join a N.G.O (ASTITVA).

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