​ये जो डर गये है, वो प्रेमी नहीं हो सकते 

जी हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने. सच्चा प्रेम डरता नहीं है. योगी सरकार ने जिस मनसा से एंटी रोमियो स्क्याइड बनाया था उसकी सफलता के चर्चे जोरों पर है. इस बीच यूपी के नए मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि प्रेमी जोड़ों को नहीं मनचलों को पकडे़ पुलिस.
अब कहीं-कहीं तो इस बात को लेकर कानाफूसी भी होने लगी है. अब नवसमाज के दो समूह तैयार हो गए है. पहले ग्रुप द्वारा इस फैसले पर पूरी सहमति मिल रही है. वहीं एक समूह ये कह रहा है कि यूपी के मुख्यमंत्री प्यार पर पाबंदी लगाने की कोशिश कर रहे है.

अरे भाई प्यार कबसे मजहबी होने लगा. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि योगी की भक्ति और प्यार अपने आप में अद्भुत है. जिस मठ के वे आज मठाधीश है, उस मठ में एक समय में एक शिष्य की हैसियत से वे आये थे. गुरू को अपने निष्काम और निष्कपट सेवा से उन्होनें प्रभावित किया. जिस गोरखपुर में वो इतने लंबे समय से जनता के सबसे चहेते नेता बने रहने की कसौटी पर खरे उतरते रहे हैं, वो किसी अनुराग और प्यार के बिना संभव नहीं हो सकता था.

दरअसल, जिस लव जेहाद को खत्म करने के लिए योगी को एंटी रोमियो स्क्याइड यथाशीघ्र बनाना पड़ा, उसकी समस्या केरल और कर्नाटक से शुरू हुई थी. लव जेहाद एक अन्तर्राष्ट्रीय साजिश हैं, जिसमें दुनियाभर के तमाम ऐसे मुसलमान(इनका इस्लाम से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं हो सकता,क्योंकि इस्लाम अपहरण की अनुमति नहीं देता है) अपनी आबादी को बढ़ाने के लिए अपने सम्प्रदाय से अलग लड़कियों का अपहरण करते है, फिर उन्हें शादी करने के लिए बाध्य भी करते है. उन मासूमों के साथ ज्यादतियों का पहाड़ लांघने के बाद उन्हें तलाक दे देते है. ऐसे हजारों केस केरल, कर्नाटक और यूपी समेत देश के कई राज्यों में कोर्ट में पहुंच चुके है.

दरअसल, ये वो लोग है जिन्हें पैगम्बर मोहम्मद और कुरान की सही जानकारी नहीं है. इन लोगो का दिमागी खुरापात किसी मजहब का नहीं हो सकता. इनकी इस मानसिकता को कुचल देने की जरुरत है जो भारत में अत्याचारों की गतिविधियों को अंजाम देने में माहिर है.

लव जेहाद के इस साजिश का खात्मा करने के लिए एंटी रोमियो स्क्याइड एक सराहनीय कदम है. वर्तमान सरकार से गुजारिश है कि ऐसे वारदात केवल मुख्य शहरों तक ही सीमित ना रखे. ऐसे कुत्सित लोग केवल शहरों में ही नहीं होते हैं, बल्कि ऐसे वारदात दूर-दराज़ के गांवों और छोटे बाजारों में भी होते है. 

सपा सरकार ऐसे लोगो को पनाह देने का काम करती रही है. इसका मिसाल यूपी में बीजेपी के जीत के बाद गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी से ही हो गई थी.

सरकारें अगर अच्छा काम कर रही हैं तो उनकी सराहना क्यों नहीं होनी चाहिए.

बहरहाल, कुछ गांव की पढ़ाकू बालिकाएं इन अनैतिक गतिविधियों में लिप्त रहने वाले मनचलों की हरकतों से अपनी पढ़ाई आधी-अधूरी छोड़कर बैठ जाती है. कुछ गांव में तो अगर किसी लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार भी हो जाता तो उनको इज्जत के नाम पर डराया और धमकाया जाता रहा है. जो इस नाइंसाफ़ी के लिए इंसाफ़ की गुहार लगाने थाने पहुंचती उनसे एस ओ साहेब ठीक तरीके से पेश नहीं आते थे. 

फिर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने ऐसे ही थोडे ना कह दिया था कि लड़के है गलतियां हो जाती है, क्या इन्हें फांसी पर चढ़ा दें. मै कहता हूं अवश्य चढ़ा देना चाहिए फांसी.

-अभिजीत पाठक

Published by Abhijit Pathak

I am Abhijit Pathak, My hometown is Azamgarh(U.P.). In 2010 ,I join a N.G.O (ASTITVA).

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