राष्ट्रप्रेम से परहेज

भारत की आबोहवा कभी  ऐसी थी कि पूरी दुनिया ने इस देश के विचारवान , धैर्यशाली , कर्मठी , प्रतिभाशाली धुरंधरो को अपना बनाना चाहा । लेकिन मातृभूमि से अपार स्नेह ने उन्हें इस धरा से जोड़े रखा । भारत माँ को गुलामी की जंज़ीरो से मुक्त करने के लिए उसके सपूतो ने अपने जानContinue reading “राष्ट्रप्रेम से परहेज”

दर्शन के लिए आवश्यक है विचार

यूनान की महान दार्शनिक परंपरा में तीन दर्शनशास्त्रियों ने पूरे संसार को चौका दिया था । अरस्तू , भारत पर आक्रमण करने वाले सिकन्दर का गुरु था । प्लेटो , अरस्तू का और सुकरात , प्लेटो का गुरु था । सुकरात बचपन से ही विचारशील था । इससे स्पष्ट होता है कि आज तक जितनेContinue reading “दर्शन के लिए आवश्यक है विचार”

दीपावली मिलन का अवसर

भारत की परंपराओं को सजोये हुए , यह पर्व अपने आप में बड़ा ही निराला हैं । दीपावली का आगमन होते ही सभी छोटे बड़े मिलकर अपने घर को सजाते हैं । दूर दराज़ से लोग अपने घर आते है । शायद यह एक ऐसा पर्व है जिसमे सबकी सहभागिता जरुरी सी लगती हैं ।Continue reading “दीपावली मिलन का अवसर”

जातिवाद के मायने

जातिवाद से तात्पर्य होता है कि किसी एक जाति के सभी  लोगो द्वारा संगठित होकर किसी कार्य मे सहभागीदार बनना । लेकिन वर्तमान के सन्दर्भ मे इसके मायने ही बदल चुके हैं । आज केवल एक जाति विशेष के लोग तभी  संगठित होते हैं जब कोई नेता उन्हें यह बताता है कि उन्हें एक होनेContinue reading “जातिवाद के मायने”

काशी /बनारस /वाराणसी

कबीरा खड़ा बाजार मे , लिए लुकाठी हाथ । जो घर जारो आपनो ,चल्यो हमारो साथ ।। बनारस का कबीर यह साबित कर देता है कि बनारस का एक अनपढ़ जो बातें बता देता है आज लोग उनकी लाइनो पर पी.एच.डी. करते हैं । बनारस एक से एक धुरंधरो को पैदा करने वाली धरती हैंContinue reading “काशी /बनारस /वाराणसी”

प्रकृति :एक परिचय

प्रकृति जीव – जंतु ,पेड़ -पौधे ,जल ,वायु , और  धरती , पर्वत ,पहाड़ से मिलकर बना हैं । प्रकृति का जन्म अरबों वर्ष पूर्व हुआ था । सबसे पहले जल बना । इसके बाद जल से एककोशिकीय जंतु और फिर बहुकोशिकीय जंतुओं का निर्माण हुआ । फिर एक अनमोल वस्तु आया जो शायद जोContinue reading “प्रकृति :एक परिचय”

First class indian , Third class politician

देश की सत्ता  हमें आपस में धर्म के नाम पर लड़ाती हैं । जब कभी  देश मे साम्प्रदायिक दंगे नहीं होते है तो इन्हें ऐसा लगता है कि शायद उनका समय बेकार जा रहा हैं । कहने को लोकतन्त्र प्रणाली मे जनता द्वारा किया गया शासन चलता है । लेकिन कई बारी उसी के शासनContinue reading “First class indian , Third class politician”

युवा भारत ,बुज़ुर्ग लोकतन्त्र

कहने को तो भारत को युवा भारत कहते हैं । लेकिन क्या यह प्रतिमान दिखाई देता है । जिस देश में युवाओं की आबादी ज्यादा हो , जिस देश को युवाओं का देश जैसा ख्याति प्राप्त हो । क्या उसे बुज़ुर्गो को लोकतांत्रिक व्यवस्था में नीति निर्धारण का जिम्मा देना ठीक हैं । और ऐसाContinue reading “युवा भारत ,बुज़ुर्ग लोकतन्त्र”

पानी पर राजनीति

दिल्ली ,मथुरा ,महाराष्ट्र  और पंजाब पर पानी ना मिलने का संकट या ऐसा कहे कि पानी की विकट समस्या है । पंजाब में भूजल का पानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि वहाँ के लोगो को कैंसर जैसे जानलेवा रोग की चुनौती का सामना करना पड़ रहा हैं । हर दिन वहाँ पर कैंसर केContinue reading “पानी पर राजनीति”