नेहरू से एजेंडा सोनिया पर आया!

देश में सांप्रदायिक आधार पर भेदभाव की मनाही है. नेताओं को सीधे तौर पर हेटस्पीच ना देने को कहा गया है, वे नहीं मानते. पत्रकारों के लिए मीडिया एथिक्स और लाॅ है. वे नहीं फाॅलो करते. एजेंडा और न्यूज़ में बहुत बड़ा फासला है. बता दिया गया कि पालघर हत्याकांड एक अपराध है और उसमेंContinue reading “नेहरू से एजेंडा सोनिया पर आया!”

ये दोयम दर्जे की सोच आपको नेस्तनाबूत कर देगी !

आगरा में कुछ लोगों ने मुहर्रम के जुलूस के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए. मुहर्रम मनाने के लिए कोई जरुरत नहीं थी पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने की. बड़े शर्म की बात है कि कोई भारतीय मुसलमान उस मुल्क के प्रति वफादारी बरतना चाहता है जिसका जमीर मर चुका है. अभी तक आईएसआईएस केContinue reading “ये दोयम दर्जे की सोच आपको नेस्तनाबूत कर देगी !”

गिलगितों की जमीनें पाक सरकार ISI को कैसे दे सकती है ?

सरकारें प्रतिनिधित्व करने के लिए होती हैं। सरकारें जब जनवादी ना रहकर अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करने लगती हैं तो तानाशाही का जन्म होने लगता है। पाकिस्तान सरकार गिलगितों के साथ जो रवैया अख्तियार कर रही है उससे साफ है कि वो एकाधिकार के रास्ते पर चलने लगी है। इस वाकये के मद्देनजर गिलगितContinue reading “गिलगितों की जमीनें पाक सरकार ISI को कैसे दे सकती है ?”

इतने समुदायों में बंटा है इस्लाम धर्म.

  सभी मुसलमानों का मानना है कि अल्लाह एक हैं, मुहम्मद साहेब उसके आखिरी पैगंबर और कुरआन आदमजाद की आखिरी किताब हैं. जो इस्लाम का सलाहगार  हैं.   तो फिर ऐसा क्यों हैं कि शिया और सुन्नी मुसलमान का रास्ता एक दूसरे का उल्टा हैं. जिस इस्लाम में शांति का जिक्र हैं उसमें कट्टरता काContinue reading “इतने समुदायों में बंटा है इस्लाम धर्म.”

अहमदिया इस्लाम, जिसको पाकिस्तान आधिकारिक रूप से खारिज कर चुका है.

अहमदिया इस्लाम- हनफी इस्लामिक कानून को मानने वाले मुसलमानों का एक तबका अहमदिया कहलाता हैं. इस समुदाय की स्थापना भारतीय पंजाब के कादियान में मिर्जा गुलाम अहमद ने 1889 में की थी. इन लोगों के मुताबिक मिर्जा गुलाम अहमद खुद नबीं का ही अवतार थे. अहमदिया मुसलमानों के मुताबिक मिर्जा गुलाम अहमद इस्लाम के अंतिमContinue reading “अहमदिया इस्लाम, जिसको पाकिस्तान आधिकारिक रूप से खारिज कर चुका है.”

‘तथाकथित’ बाबरी मस्जिद

किशोर कुणाल की किताब AYODHYA REVISITED  में बाबरी मस्जिद और रामजन्मभूमि का बहुत ही बारीकी के साथ विश्लेषण किया गया है. अपने मिथकों से इतिहास बदलने वाले लोगों को ये किताब जरूर पढ़नी चाहिए क्योंकि कुछ लोगों की बातों का कोई ही सिरा होता नहींं। वे हवा में सुनी सुनाई बात को मुद्दा बनाते हैंContinue reading “‘तथाकथित’ बाबरी मस्जिद”