काश! तुम अपने पिता से जुड़े रहते सुशांत…

वे महिलाएं जो रिया चक्रवर्ती की तरह सिर्फ़ पैसों के लिए प्यार में आती हैं, उन्हें क्या पता कि पैसा सिर्फ अशांति का कारण बनता है. वाकई पैसा आपको सभी सुविधाओं से भर देगा. विलासिता के सभी मानकों तक पहुंचाएगा लेकिन यही एक दिन आपको चैन से जीने नहीं देगा. बताइए उस पिता पर क्याContinue reading “काश! तुम अपने पिता से जुड़े रहते सुशांत…”

ये कौन सा दयार है!

ये कौन सा दयार है! शहरयार ने लिखा, खय्याम ने म्यूजिक दिया. आशा ने गाया और रेखा ने उमराव जान को फिर से जिंदा कर दिया. वाकई में फिल्म उमराव का ये गाना सुनने के बाद मन के अंतसों से एक सुरीला सवाल बार-बार अपने जवाब के लिए उम्मीद बरकरार करने की कोशिश तो करताContinue reading “ये कौन सा दयार है!”

बुधिया सिंह को ओलंपिक का सपना दिखाना गलत था क्या?

मनोज वाजपेयी की फिल्म बुधिया सिंह-बॉर्न टू रन  5 अगस्त को रिलीज होने जा रही है. ये फिल्म बुधिया सिंह के जीवन पर आधारित एक बायोपिक ही नहीं है बल्कि इसके पीछे बुधिया सिंह की एक ऐसी कहानी है, जो लिम्का एवॉर्ड से सम्मानित दुनिया के सबसे कम उम्र के सफल धावक के आज कोContinue reading “बुधिया सिंह को ओलंपिक का सपना दिखाना गलत था क्या?”

भारतीय सिनेमा को पंचम दा का  चार दशक का सहारा

दिग्गज संगीतकार, बॉलीवुड संगीत में एक अलग तरह का उमंग भरने वाले, अपने गाने के जरिए श्रोताओं के दिलों को धड़काने वाले, तकरीबन 300 से ज्यादा फिल्मों में संगीत का सहारा देकर उन फिल्मों का रूप-रंग बदलने वाले एक संगीतकार जो अपनी अलग पहचान को सदीयों तक बना रख पायेगा, नाम है आर. डी. बर्मन.Continue reading “भारतीय सिनेमा को पंचम दा का  चार दशक का सहारा”

उड़ता पंजाब आखिर क्यों देखा जाना चाहिए..,

उड़ता पंजाब एक ऐसी फिल्म है जिसे नशाखोरी को समाज से बाहर करने की मकसद से बनाया गया है. इस लत से युवा समाज के लिए भटकाव के तमाम आसार बन जाते है. जोकि पंजाब में एक बड़ी समस्या बनी पड़ी है. फिल्म मशहूर लेखक सुदीप शर्मा और अभिषेक चौबे का बढ़िया प्रयास है जिसमेंContinue reading “उड़ता पंजाब आखिर क्यों देखा जाना चाहिए..,”