पुरबिया: प्राक्कथन- राम नाम कलि अभिमत दाता!

हमारे मनीषियों ने कहा है कि पूर्ववायुना जलद:, मतलब पूरवाई चलने से बारिश की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. मैं कहता हूँ कि पुरबिया लोक भी हर काल में संभावनाओं से भरा हुआ रहा है. पुरबिया लोक; आशा, सौहार्द और सृजन-संभावना का विशाल गढ़ है. यहां की लोक भावना कभी विदूषित नहीं रही है. वो तोContinue reading “पुरबिया: प्राक्कथन- राम नाम कलि अभिमत दाता!”

पाकिस्तान ने भारत से ज़्यादा जमीन कब्जा कर रखा है!

पाकिस्तान के आम लोगों में भारत के लोगों को लेकर कोई दुर्भावना नहीं है, जैसाकि न्यूज़ चैनल्स दिखाते रहते हैं. वहां के लोग भी बहुत उदार और नेकदिल होते हैं. लेकिन भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया ने बचपन से हमारे दिलों में एक दूसरे के लिए ज़हर बो दिया है. हमारे दिमाग़ में ऐसा भर दियाContinue reading “पाकिस्तान ने भारत से ज़्यादा जमीन कब्जा कर रखा है!”

वेद: एक समग्र अध्ययन (भाग-दो)

वेद, विज्ञान का पक्षधर है. चूंकि वेद किसी एक ऋषि ने नहीं लिखा, इसके समय-समय पर अनेक संकलनकर्ता हुए. वेद में सिर्फ देवताओं की स्तुतियां नहीं हैं. राजनीति के विषय हैं, भूगोल है, चिकित्सा शास्त्र है. परामर्श के विषय हैं. लेकिन विज्ञान इसका मुख्य उपांग है. वेद में कुछ भी जोड़ने से पहले उस सूक्तContinue reading “वेद: एक समग्र अध्ययन (भाग-दो)”

23 अक्टूबर की डायरी से

भारतीय राजनीति का अवसरवाद नंगा नाच कर रहा है. मतलब एक महामारी में आपका जीवन किसी सरकार के जीत पर निर्भर करता है. फिर तथाकथित लोकतंत्र और गुंडाराज में अंतर क्या बचता है. जिस तरह एक गुंडा आपको धमकी देकर कहता है कि अगर जान प्यारी हो तो हमारा कहा मान लो. ठीक उसी नक्शेContinue reading “23 अक्टूबर की डायरी से”

पुरबिया कौन?

वैसे तो देश के पूरब में बंगाल है, लेकिन पुरबिया वे हैं; जो पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में रहते हैं. कुछ हद तक मूल भोजपुरी से जिनका सरोकार है, वे सभी. यही हमारी सैद्धांतिक पहचान है. महाराष्ट्र में लोग हमको भईया कहते हैं. भारत में 16 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं या जानतेContinue reading “पुरबिया कौन?”

अमेरिका में राष्ट्रपतियों के स्वास्थ्य को छिपाने का लंबा इतिहास है

व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज ने कहा कि ट्रंप शुक्रवार को ‘बेहद चिंताजनक’ स्थिति से गुजरे हैं और अगला 48 घंटा उनके स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. विल्सन की बीमारी को व्हाइट हाउस ने गुप्त रखने की कोशिश की थी. राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड की बीमारी को गुप्त रखते हुए लॉन्गContinue reading “अमेरिका में राष्ट्रपतियों के स्वास्थ्य को छिपाने का लंबा इतिहास है”

नशे में शायर है: जनाब जौन एलिया

जनाब जौन एलिया को बहुतेरे लोग पाकिस्तानी शायर कहते हैं, लेकिन उनका जन्म 1931 में उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ. वे पाकिस्तान 1957 में गये. यानी कि 26 साल हिंदुस्तान में ही रहे. जौन उर्दू अदब के बड़े शायर हैं. 8 साल से ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था. जौन एलिया जब इंशाContinue reading “नशे में शायर है: जनाब जौन एलिया”

किसानों का कोई आंदोलन नहीं होता!

किसानों का कोई आंदोलन नहीं होता. किसानों का कोई झंडा नहीं होता. जो आंदोलन कर रहे हैं ना. ये सब सक्षम किसान हैं. किसानों की बदहाली देखनी हो ना. तो किसी गाँव में जाकर देखिए. बेचारे पूरा जीवन खेती में खपा देने के बाद भी सम्मान के साथ जी नहीं पाते. वो आंदोलन करने सड़कोंContinue reading “किसानों का कोई आंदोलन नहीं होता!”

भगतसिंह का नशा बनाम सुशांत सिंह का नशा!

जब आप सुशांत सिंह राजपूत मामले में ऐसी अवधारणा बना के चल रहे हैं कि उनका इस्तेमाल हुआ तो आप कहीं ना कहीं उनके इंजीनियर दिमाग पर कमजोरी का धब्बा लगा रहे हैं. क्योंकि इस्तेमाल कोई उसी का कर सकता है, जिसमें इस्तेमाल या शोषण करने वाला शोषित होने वाले से तेज दिमाग का हो.Continue reading “भगतसिंह का नशा बनाम सुशांत सिंह का नशा!”

COVID-19: सुरक्षित नहीं हैं रेसपिरेट्री मास्क!

जिस कोरोना वायरस का आकार 26-32 किलोबेस के बराबर है, उससे लड़ने के लिए साधारण मास्क कैसे सेफ हो सकता है. ये वायरस इतने सूक्ष्म हैं कि जिस मास्क का इस्तेमाल हम आमतौर पर कर रहे हैं, वैसे दस मास्क भी पहन ले तो भी ये उसमें ट्रेवेल करके नुकसान पहुंचा सकते हैं. अब एकContinue reading “COVID-19: सुरक्षित नहीं हैं रेसपिरेट्री मास्क!”