किसानों का कोई आंदोलन नहीं होता!

किसानों का कोई आंदोलन नहीं होता. किसानों का कोई झंडा नहीं होता. जो आंदोलन कर रहे हैं ना. ये सब सक्षम किसान हैं. किसानों की बदहाली देखनी हो ना. तो किसी गाँव में जाकर देखिए. बेचारे पूरा जीवन खेती में खपा देने के बाद भी सम्मान के साथ जी नहीं पाते. वो आंदोलन करने सड़कोंContinue reading “किसानों का कोई आंदोलन नहीं होता!”

कितने धनी होते हैं ना किसान!

अर्थव्यवस्था दो शब्दों से मिलकर बनी है- अर्थ और व्यवस्था. आजकल सबकी ज़ुबान पर एक ही बात. अर्थव्यवस्था गिर रही है. कुछ आंकड़े इस पर भी आये हैं कि ये कहां और कितनी गिर रही है. इसकी गिरावट को देखकर लगता है कि इसके उत्थान में खूब मेहनत नहीं हुई होगी क्योंकि पापा कहते हैंContinue reading “कितने धनी होते हैं ना किसान!”