‘रोशनदान’

प्रधानमंत्री मोदी! आपने नागरिकराज के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर हमला किया है. गंगा के किनारे बसे वाराणसी को जीतने के लिए आपने कहा था- मुझे तो माँ गंगा ने बुलाया है. आज वही गंगा माँ अपने बेटों के शवों से पट गयी हैं. सनातन का पाखंड करने वाले आपके चापलूस सीएम योगी ने निर्ममता की सारीContinue reading “‘रोशनदान’”

रोशनदान! (22 अप्रैल की डायरी से)

इंसान की जीने के लिए जो बेचैनी है, वो बेइंतहा है! मरने के बिलकुल नजदीक पहुँचकर भी वो जीना नहीं छोड़ता. सब समझ बैठे हैं कि जीये जाना ही सबसे बड़ी हकीकत है लेकिन ये समझ सही नहीं है. सबसे बड़ा सच है मृत्यु. हम इस हकीकत से कभी इनकार नहीं कर सकते. श्रीमद्भागवत गीताContinue reading “रोशनदान! (22 अप्रैल की डायरी से)”

‘रोशनदान’- बदलाव की उम्मीद के साथ!

भारत में बहुत जल्द कोरोना के डेली केस एक लाख के पार हो जाएंगे लेकिन भारत सरकार का पूरा जोर विधान सभाओं को जीतने में दिख रहा है. आज भारत में 93 हजार से अधिक कोरोना केस सामने आए हैं. हमारे प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रचारों में अपने ही कोरोना के खिलाफ दिए नारे ‘दो गजContinue reading “‘रोशनदान’- बदलाव की उम्मीद के साथ!”

आतंकवाद से भी ख़तरनाक है लश्करे मीडिया?

लश्कर-ए-मीडिया एक गिरोह है, जो आतंकवाद से भी नुकसानदेह है. महामारी के समय अगर ये चाहती तो अस्पतालों की खराब व्यवस्था पर रिपोर्ट कर लाखों जिंदगियां बचा सकती थी. लेकिन इससे ऐसा नहीं किया. सुशांत+रिया+कंगना+नेपोटिज्म+अनुराग+बाॅलीवुड ड्रग रैकेट से क्या निकला और कितने भारतवासियों का लाभ हुआ. इसमें दूरदर्शिता और प्राथमिकताओं के मूल्यांकन का इतना अभावContinue reading “आतंकवाद से भी ख़तरनाक है लश्करे मीडिया?”

COVID-19: सुरक्षित नहीं हैं रेसपिरेट्री मास्क!

जिस कोरोना वायरस का आकार 26-32 किलोबेस के बराबर है, उससे लड़ने के लिए साधारण मास्क कैसे सेफ हो सकता है. ये वायरस इतने सूक्ष्म हैं कि जिस मास्क का इस्तेमाल हम आमतौर पर कर रहे हैं, वैसे दस मास्क भी पहन ले तो भी ये उसमें ट्रेवेल करके नुकसान पहुंचा सकते हैं. अब एकContinue reading “COVID-19: सुरक्षित नहीं हैं रेसपिरेट्री मास्क!”

कैमरे के सामने समाज सेवा की कैपचरिंग ?

मैं सोच रहा हूं कि अगर जोहन जान ने कैमरे का आविष्कार ना किया होता तो जिन जरूरतमंदों का लोग थोड़ा बहुत ख्याल रख रहे हैं, वे भूखों मर जाते. कोरोना संकट के दौरान ज्यादातर लोग खाने के पैकेट के साथ कैमरा ले जाना नहीं भूलते. समाज सेवा का ये तरीका नवजागरण काल के मसीहाओंContinue reading “कैमरे के सामने समाज सेवा की कैपचरिंग ?”

कोविड-19 की वैक्सीन या दवा

कोरोना कोई लाइलाज बीमारी नहीं रहा. दुनियाभर के करीब 4 लाख लोग इससे ठीक हुए हैं. यानी कि इसकी सही दवा का ईजाद कर दुनिया कोरोना वायरस को फैलने से रोक सकती है. रही बात वैक्सीन की तो वो ऐसे रोगों के लिए होती है जो दवाओं से ठीक ही ना हो. वैसे तेजी सेContinue reading “कोविड-19 की वैक्सीन या दवा”

देशभक्ति बनाम भारत दुर्दशा!

ना तो एनआरसी का सिद्धांत बुरा है और ना ही नोटबंदी का था. समस्या इस बात की है कि इसे लागू करने का तरीका और जल्दबाज़ी बहुत ही खतरनाक रहा. सही तरीका ये होता कि पहले लोगों को इसका मकसद समझाया जाता. जितनी जल्दबाज़ी मौजूदा सरकार ने एनआरसी से अनभिज्ञ लोगों को डराने में किया,Continue reading “देशभक्ति बनाम भारत दुर्दशा!”