ITMI संस्मरण: ‘महा महनीय मेधाविन’ हेमंत कौशिक !

((ये संस्कृत के एक स्वागत गीत की पहली लाइन है हेमंत सर. जिसका मायने होता है ‘आदरणीय’. अगर हम सभी तिमिर से लड़ने वाले उडुगन हैं तो आप ही हममें प्रकाश भरने वाले दिवाकर हैं. ईश्वर जानता है कि मैंने ताउम्र अपने सभी शिक्षकों को उससे ज्यादा अहमियत दी है. प्राचीन समय में लोगों कीContinue reading “ITMI संस्मरण: ‘महा महनीय मेधाविन’ हेमंत कौशिक !”