प्रशांत कोठारी सर: जिनकी क्लास में आप कभी बोर नहीं हो सकते!

((आधुनिक दौर के छात्र लंबे पाठ्यक्रम और परंपरागत टीचिंग स्टाइल से बोर हो जाते हैं, इस पीढ़ी के मेंटर ऐसे होने चाहिए जो दोस्त सरीके हों और आपको क्लास के बाहर भी ये एहसास ना होने दें कि वो आपके दोस्तों से अलग हैं. ऐसे मानकों में फिट बैठने वाले मेरे एक ही टीचर हैं,Continue reading “प्रशांत कोठारी सर: जिनकी क्लास में आप कभी बोर नहीं हो सकते!”

संचारी भावावेश से भरा अपना पहाड़ी दोस्त !

((सुमित ने जितना मेरा साथ दिया, उतना तो मैंने खुद का ध्यान नहीं रखा होगा. उसके जैसे दोस्त मित्रता की आदर्श स्थितियों को आज भी बनाये रखने के लिए जिम्मेदार है. निश्छल मुस्कराहट से भरा चेहरा अगर आपका मन मोह ना ले तो कहिएगा.)) बंदा मीडिया इंडस्ट्री में जितने लोग हिमाचल से आते हैं. सबकोContinue reading “संचारी भावावेश से भरा अपना पहाड़ी दोस्त !”

अर्णव गोस्वामी की भाषा निम्नस्तरीय है!

अर्णव गोस्वामी का आरोप है कि सोनिया गांधी ने पालघर हत्याकांड पर ट्वीट नहीं किया, मगर वो ट्विटर पर हैं ही नहीं. अर्णव गोस्वामी को संदेह है कि सोनिया गांधी इटली पत्र लिखकर इस बात की वाहवाही लूटेंगी कि हमने महाराष्ट्र में सरकार बनाते ही संतों की हत्या करवा दी. लेकिन हकीकत ये है किContinue reading “अर्णव गोस्वामी की भाषा निम्नस्तरीय है!”

ट्विटरखोरों की भाषा वाकई में शर्मनाक है!

अंग्रेजों ने प्रेमचंद का सोजे वतन जला दिया था लेकिन अपनों ने भरपूर साथ दिया था, अगर प्रेमचंद को भी ऐसी चुनौतियां मिलती तो शायद वो हिंदी के इतने बड़े नामचीन लेखक ना बन पाते! कल न्यूज़रूम में एंकर चित्रा त्रिपाठी इस बात पर चिंता जाहिर कर रही थीं कि लोग छोटी सी गलतियों कोContinue reading “ट्विटरखोरों की भाषा वाकई में शर्मनाक है!”

NYOOOZ : एक नए युग की शुरूआत

वो दिन मै आज भी नहीं भूला और कैसे भूल जाऊं! एक संवेदनशील युवा के लिए बेहद जरूरी होता है कि वो संवेदनाओं को जिए. हां, संवेदनाएं नगरराज बनाती है. संवेदनशीलता हमें लोगों के आंसुओं और तकलीफ़ों को समझने देता है. एक दिन जो मेरी स्मृतियों में आज भी अंकित है, एक दिन जब बहुतContinue reading “NYOOOZ : एक नए युग की शुरूआत”