Opinion- आपका स्वाभिमान, गरीबों से भी कम है!

शहरों के चकाचौंध में लोग उन स्मृतियों को भूलते जा रहे हैं. जिन्हें पीछे मुड़कर देखने से भी मन कांप उठता है. पाई-पाई जोड़कर हमारे अभिभावकों ने हमें शिक्षा दिलाई. आज उस शिक्षा के मायने क्या रह गये हैं? उस शिक्षा का कत्तई ये मतलब नहीं था कि आप समाज में नफ़रत पैदा करें! उसContinue reading “Opinion- आपका स्वाभिमान, गरीबों से भी कम है!”