उसे बस देखते जाओ.., बिना समझे!

प्यार में लोग प्रोफेशनल होते जा रहे हैं, अरे भाई! प्यार में कुछ अनगढ़ नहीं होगा. वो पूरी तरह मेच्योर हो जाएगा. परिष्कृत हो जाएगा. तो उसके अस्तित्व को बचाना भारी पड़ सकता है. उसे थोड़ा जिद्दी, नादान और भोला रहने दीजिए. प्यार का स्वभाव किसी जमाने में विकसित नहीं रहा. इसीलिए प्यार के सिद्धांतContinue reading “उसे बस देखते जाओ.., बिना समझे!”

प्रेम घोर धार्मिक है!

मुझे पता नहीं है कि आखिर प्यार क्या होता है. लेकिन अपने अब तक के जीवन में प्यार की कई प्रावस्थाओं को बड़े नजदीक से पढ़ने, जानने, देखने और समझने की भरपूर कोशिश की है. इंसान की उम्र ही कितनी है, यही कोई सौ एक साल.. लेकिन प्यार का अस्तित्व अनादिकाल से है. धर्म सेContinue reading “प्रेम घोर धार्मिक है!”