7 जुलाई की डायरी से

मुझे लगता है कि फायदे की फ़ेहरिस्त में राजनीति की रहगुजारी करने से बेहतर है कि पब्लिक सर्विस कर टीवी पत्रकारिता के अवसानकाल में भी नवजागरणकाल की ही तरह सामाजिक बदलाव के नए पुल बनाए जा सकते हैं. टीवी पत्रकारिता आजकल जिस प्रकार डिजिटल में तब्दील होती जा रही है, उससे साफ होता है किContinue reading “7 जुलाई की डायरी से”