23 अक्टूबर की डायरी से

भारतीय राजनीति का अवसरवाद नंगा नाच कर रहा है. मतलब एक महामारी में आपका जीवन किसी सरकार के जीत पर निर्भर करता है. फिर तथाकथित लोकतंत्र और गुंडाराज में अंतर क्या बचता है. जिस तरह एक गुंडा आपको धमकी देकर कहता है कि अगर जान प्यारी हो तो हमारा कहा मान लो. ठीक उसी नक्शेContinue reading “23 अक्टूबर की डायरी से”