देश की आर्थिक हकीकत (1)

जिस देश में 86 फीसदी निजी संपत्ति सोने और जमीन के रूप में हो और महज 14 फीसदी नकदी ही वित्तीय निवेश में आ पाई हो, वहां आर्थिक सुधार(नोटबंदी) भ्रष्टाचार का भला क्या बिगाड़ सकती है। अब इस फेहरिस्त को समझना होगा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रयोग कहीं जाया तो नहीं चलाContinue reading “देश की आर्थिक हकीकत (1)”

NYOOOZ : एक नए युग की शुरूआत

वो दिन मै आज भी नहीं भूला और कैसे भूल जाऊं! एक संवेदनशील युवा के लिए बेहद जरूरी होता है कि वो संवेदनाओं को जिए. हां, संवेदनाएं नगरराज बनाती है. संवेदनशीलता हमें लोगों के आंसुओं और तकलीफ़ों को समझने देता है. एक दिन जो मेरी स्मृतियों में आज भी अंकित है, एक दिन जब बहुतContinue reading “NYOOOZ : एक नए युग की शुरूआत”

अंधेर नगरी में लोकतंत्र(भाग-6)

अरूणाचल प्रदेश भारत का एक राज्य है। अभी हाल ही में जहां के 6 स्थानों का नाम चीनी भाषा में रख दिया गया। 14 अप्रैल को चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अरूणांचल के 6 जगहों के नाम तिब्बती और रोमन लिपि में रखने की घोषणा की थी। चीन भारत केContinue reading “अंधेर नगरी में लोकतंत्र(भाग-6)”

क्या राजनेताओं पर वादे से मुकर जाने पर कोई सजा मुकर्रर किया जाना चाहिए.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, 2017 का सबसे बड़ा चुनाव होने के साथ ही आजाद भारत का सातवां दशक पूरा होने का साल भी होगा. ये चुनाव बहुत छोटा सा निर्णय नहीं होगा. ये साबित करेगा उन सभी राजनीतिक पार्टियों की वास्तविक जनभागीदारी जिनके दावें तो बहुत सारे है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाईContinue reading “क्या राजनेताओं पर वादे से मुकर जाने पर कोई सजा मुकर्रर किया जाना चाहिए.”

‘तथाकथित’ बाबरी मस्जिद

किशोर कुणाल की किताब AYODHYA REVISITED  में बाबरी मस्जिद और रामजन्मभूमि का बहुत ही बारीकी के साथ विश्लेषण किया गया है. अपने मिथकों से इतिहास बदलने वाले लोगों को ये किताब जरूर पढ़नी चाहिए क्योंकि कुछ लोगों की बातों का कोई ही सिरा होता नहींं। वे हवा में सुनी सुनाई बात को मुद्दा बनाते हैंContinue reading “‘तथाकथित’ बाबरी मस्जिद”