ITMI संस्मरण: रहस्य शाकद्विपीय भोजक!

((मुझे सनातन परंपरा की दो घटनाएं बहुत ही प्रेरणास्पद लगती हैं. दोनों गंगा के इर्द गिर्द हैं. एक गंगापुत्र भीष्म पितामह की वो प्रतिज्ञा जिसमें वे जीवन भर ब्रह्मचारी रहने का संकल्प लेते हैं. दूसरा दर्जनों पीढ़ियां खत्म होने के बाद  गंगा को धरती पर लाने का भगीरथ-प्रयत्न. भीष्म प्रतिज्ञा और भगीरथ प्रयत्न का अनुशीलनContinue reading “ITMI संस्मरण: रहस्य शाकद्विपीय भोजक!”