ITMI संस्मरण: ज़माना हमसे है, ज़माने से हम नहीं – ‘रमन’

(( काले खां की शेर है- हमें रोक सके, जमाने में ये दम नहीं! हमसे जमाना है, जमाने से हम नहीं. रमन को देखकर यही भाव मन में स्पंदित होता है कि ये लड़का अपने आप में एक ‘जमाना’ है. और ये जमाना इसे रोक नहीं सकता. )) ITMI में ओरिएन्टेशन के दो दिन पहलेContinue reading “ITMI संस्मरण: ज़माना हमसे है, ज़माने से हम नहीं – ‘रमन’”