​मै उत्तर प्रदेश का वर्तमान हूं.

मै उत्तर प्रदेश आज अपने वर्तमान की हालात बताने जा रहा हूं. थोड़ा संभल कर सुनियेगा मेरा दर्द. मै हमेशा यही सोचता रहा कि बदलाव होने ही वाला है. लेकिन मेरे जनप्रतिनिधियों ने मेरे उम्मीद पर पानी फेरने का काम दम लगाकर किया. मैने जिन लोगों पर विश्वास कर, लोगों को जागरुक करने और समाजContinue reading “​मै उत्तर प्रदेश का वर्तमान हूं.”

अहमदिया इस्लाम, जिसको पाकिस्तान आधिकारिक रूप से खारिज कर चुका है.

अहमदिया इस्लाम- हनफी इस्लामिक कानून को मानने वाले मुसलमानों का एक तबका अहमदिया कहलाता हैं. इस समुदाय की स्थापना भारतीय पंजाब के कादियान में मिर्जा गुलाम अहमद ने 1889 में की थी. इन लोगों के मुताबिक मिर्जा गुलाम अहमद खुद नबीं का ही अवतार थे. अहमदिया मुसलमानों के मुताबिक मिर्जा गुलाम अहमद इस्लाम के अंतिमContinue reading “अहमदिया इस्लाम, जिसको पाकिस्तान आधिकारिक रूप से खारिज कर चुका है.”

धर्म की पाबंदियों को तोड़ देने की जरुरत

क्या ऐसा नहीं हो सकता है कि सुबह गंगा में डुबकी लगाई जाये, प्रार्थना के लिए मस्जिद में नमाज़ अदायगी हो, संध्यावंदन के लिए गुरुद्वारे जाया जाये और अध्यात्म की सीख चर्च में मिले. धर्म का मतलब है जिसे कोई इंसान स्वेच्छा से अपना सके, धर्म की पाबंदी किसी के द्वारा किसी के ऊपर थोपीContinue reading “धर्म की पाबंदियों को तोड़ देने की जरुरत”

साम्प्रदायिक सौहार्द का गुर सिखाता आजमगढ़

बस्ती में अपनी हिन्दू मुसलमाँ जो बस गए इंसाँ की शक्ल देखने को हम तरस गए.   -कैफी आजमी आजमगढ़ का एक हिन्दू परिवार रातों को जागकर पड़ोसियों को रोज़ा रखने में मदद करता है. गुलाब और उनका बेटा सुबह दो घंटे पहले इसलिए जग जाते है ताकि मुस्लिम परिवारों की सेहरी ना छूट जाये.Continue reading “साम्प्रदायिक सौहार्द का गुर सिखाता आजमगढ़”

‘तथाकथित’ बाबरी मस्जिद

किशोर कुणाल की किताब AYODHYA REVISITED  में बाबरी मस्जिद और रामजन्मभूमि का बहुत ही बारीकी के साथ विश्लेषण किया गया है. अपने मिथकों से इतिहास बदलने वाले लोगों को ये किताब जरूर पढ़नी चाहिए क्योंकि कुछ लोगों की बातों का कोई ही सिरा होता नहींं। वे हवा में सुनी सुनाई बात को मुद्दा बनाते हैंContinue reading “‘तथाकथित’ बाबरी मस्जिद”