ITMI संस्मरण: ‘दो रूहों के मिलन की जुड़वा पैदाइश है’!

((स्वाति ये लाइनें गुलजार की लिखी हुई हैं. मैंने तुम्हारा परिचय देने में इससे सहायता ली है. इसको पूरा पढ़ने के बाद ही इसका हेडर समझ आएगा.)) ITMI संस्मरण मेरे लिए एक मौलिक संपदा के तौर पर है. मौलिक संपदा माने ऐसा कुछ जो सिर्फ आपके ही पास हो. आज बात गुरूदेव रवींद्र की सरजमींContinue reading “ITMI संस्मरण: ‘दो रूहों के मिलन की जुड़वा पैदाइश है’!”