ट्विटरखोरों की भाषा वाकई में शर्मनाक है!

अंग्रेजों ने प्रेमचंद का सोजे वतन जला दिया था लेकिन अपनों ने भरपूर साथ दिया था, अगर प्रेमचंद को भी ऐसी चुनौतियां मिलती तो शायद वो हिंदी के इतने बड़े नामचीन लेखक ना बन पाते! कल न्यूज़रूम में एंकर चित्रा त्रिपाठी इस बात पर चिंता जाहिर कर रही थीं कि लोग छोटी सी गलतियों कोContinue reading “ट्विटरखोरों की भाषा वाकई में शर्मनाक है!”